चुनाव में निष्पक्षता की आवश्यकता: प्रियंका चतुर्वेदी का बयान

नई दिल्ली, 15 मार्च: चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की चुनाव तारीखों की घोषणा की. इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता पर जोर दिया है.

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि चुनाव की घोषणा के साथ चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष हों. इसमें किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष को किसी भी प्रकार का अनुचित लाभ नहीं मिलना चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए.

उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के संदर्भ में कहा कि चुनाव चक्रों को इस तरह से नहीं चरणबद्ध किया जाना चाहिए कि परिणामों पर असर पड़े. प्रियंका ने आरोप लगाया कि पहले भी एसआईआर के दुरुपयोग के उदाहरण सामने आए हैं, जिसके बाद भाजपा की सरकार बनी.

चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के एजेंडे के तहत काम करता हुआ दिखाई देता है. उन्होंने चुनावी रैलियों के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि कार्रवाई केवल विपक्षी नेताओं पर होती है, जबकि केंद्र सरकार और उनके नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती.

उन्होंने चिंता जताई कि आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर रहा है, जबकि चुनाव वाले राज्यों में पहले ही प्रधानमंत्री की रैलियां हो चुकी हैं. यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच संबंधों पर सवाल खड़े करता है.

प्रियंका ने उम्मीद जताई कि एसआईआर के माध्यम से मतदाताओं के अधिकारों का हनन नहीं होगा और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से संचालित की जाएगी.

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