
लखनऊ, 20 मार्च: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए ‘मिशन शक्ति 5.0’ का दूसरा चरण शुरू किया गया है. इस अभियान के तहत प्रदेशभर में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
नवरात्र के अवसर पर महिला कल्याण विभाग 21 मार्च को सार्वजनिक स्थलों पर मोबाइल वैन, कैंप और स्टॉल लगाकर महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देगा. यह कार्यक्रम ग्राम, ब्लॉक और जनपद स्तर पर एक साथ संचालित होगा, जिससे अधिकतम लोगों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके. महिला कल्याण विभाग 20 अप्रैल तक प्रतिदिन विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा.
महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. मोबाइल वैन और सूचना स्टॉल के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा. घरेलू हिंसा, सुरक्षा अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में जानकारी दी जाएगी. स्थानीय प्रशासन और विभागीय इकाइयां मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि अभियान की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों तक हो, ताकि कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा. पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता दिलाने के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे संकट की स्थिति में वे तुरंत मदद प्राप्त कर सकें. कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा.
अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा. घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निवारण कानून, दहेज निषेध अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी. प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यक्रमों की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और प्रत्येक प्रकरण का प्रभावी फॉलोअप किया जाए. सभी जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रतिदिन की रिपोर्ट जनपद स्तर पर संकलित कर ‘शक्ति वार रूम’ के माध्यम से महिला कल्याण निदेशालय को अपडेट की जाएगी. यह अभियान प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.