
रांची, 21 फरवरी: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने और बैकलॉग नियुक्तियों के मुद्दे पर चर्चा हुई. सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में रिटायरमेंट आयु बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. बैकलॉग पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की प्रक्रिया जारी है. चतरा के लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग उठाई. उन्होंने बताया कि झारखंड में सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 60 वर्ष है, जबकि केंद्रीय सेवाओं में यह 65 वर्ष है. पासवान ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रिटायरमेंट आयु 62 वर्ष कर दी गई है.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि हर राज्य अपनी भौगोलिक स्थिति और वित्तीय संसाधनों के अनुसार निर्णय लेता है. उन्होंने बताया कि झारखंड में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में शिक्षित बेरोजगार युवाओं की संख्या अधिक है और सरकार नई नियुक्तियों के लिए प्रयासरत है.
खिजरी के कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के हजारों पद वर्षों से खाली हैं. मंत्री ने बताया कि सरकार विभिन्न विभागों में नियुक्ति प्रक्रियाएं संचालित कर रही है और बैकलॉग पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा.
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एसएनसी/एएस