
मुंबई, मार्च 21: महाराष्ट्र एनसीपी की महिला विंग की प्रमुख रूपाली चाकणकर ने हाल ही में एक विवाद के बीच कहा कि उन्हें विशेष रूप से इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह एक महिला हैं. यह विवाद खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात से जुड़ा है.
चाकणकर ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “मेरा पूरा परिवार वारकरी परंपरा का पालन करता है, इसलिए हम खरात के ट्रस्ट से जुड़े थे. हालांकि, मुझे उनके दूसरे पहलू के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. कोई यह कैसे जान सकता है कि भविष्य में कोई व्यक्ति क्या करेगा?”
उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग खरात के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन उन्हें दुख है कि उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, केवल इसलिए क्योंकि वह एक महिला हैं.
चाकणकर ने स्पष्ट किया कि उनका खरात के ट्रस्ट से जुड़ाव उनके परिवार की वारकरी परंपरा से संबंधित है. उन्होंने माना कि वह खरात और उनकी पत्नी को आध्यात्मिक गुरु मानती थीं, लेकिन जोर देकर कहा कि जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, वे लगभग छह साल पुराने हैं.
उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले अशोक खरात को यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोपों में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. चाकणकर ने कहा, “पद्य-पूजन का वीडियो पांच से छह साल पुराना है. मेरे पति और मैं आध्यात्मिक आस्था के कारण ट्रस्ट के कार्यक्रमों में शामिल होते थे. उस समय हमें उनके निजी आचरण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.”
उन्होंने बताया कि खरात के ट्रस्ट में डायरेक्टर के तौर पर उनका कार्यकाल 8 अगस्त, 2025 को समाप्त हो चुका था. अपनी ईमानदारी का बचाव करते हुए चाकणकर ने कहा कि उन्होंने खरात के खिलाफ आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपने पद से हटने का निर्णय लिया.
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है.