नेपाल में सड़क हादसे में सात भारतीय श्रद्धालुओं की मौत

काठमांडू, 14 मार्च: नेपाल के गोरखा जिले में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम सात भारतीय श्रद्धालुओं की जान चली गई. यह दुर्घटना उस समय हुई जब श्रद्धालु मनकामना मंदिर से लौट रहे थे.

पुलिस के अनुसार, श्रद्धालुओं को ले जा रही एक इलेक्ट्रिक माइक्रोबस साहिद लखन ग्रामीण नगरपालिका के कंतार क्षेत्र में सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गई.

गोरखा जिला पुलिस कार्यालय के उप पुलिस अधीक्षक राज कुमार श्रेष्ठ ने बताया कि हादसे में सात अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए चितवन मेडिकल कॉलेज, भरतपुर (चितवन जिला) भेजा गया है. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान अभी भी जारी है.

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, माइक्रोबस में एक दर्जन से अधिक यात्री सवार थे. गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी तुलसी बहादुर श्रेष्ठ ने बताया कि माइक्रोबस मनकामना मंदिर से पश्चिम की ओर तनहूं जिले के अनबुखैरेनी क्षेत्र की ओर जा रही थी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मंदिर दर्शन के बाद यात्री किस स्थान की ओर जा रहे थे.

पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन श्रद्धालुओं को ले जा रही इलेक्ट्रिक माइक्रोबस पहाड़ी सड़क के एक मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई.

इससे पहले अगस्त 2024 में भी अनबुखैरेनी क्षेत्र में भारतीय श्रद्धालुओं से भरी एक बस हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई थी.

नेपाल में हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में वृद्धि देखी गई है. नेपाल ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, एक दशक पहले देश में 4,999 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 7,669 हो गई.

विश्व बैंक की एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 के बाद से तीन गुना बढ़ चुका है और यह अब देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का लगभग 1.5 प्रतिशत हो गया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सड़क हादसों का सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्गों पर पड़ता है. नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक लोग पैदल यात्री, साइकिल चालक और मोटरसाइकिल सवार जैसे संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ता होते हैं.

Leave a Comment