
इंफाल, 11 मार्च: मणिपुर के उखरुल जिले में बुधवार को तनाव बना रहा. उखरुल-इंफाल मार्ग पर यात्रा कर रहे कम से कम 20 तांगखुल नागा नागरिकों को कथित तौर पर दूसरे समुदाय के लोगों ने हिरासत में ले लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि आम लोगों को शांगकाई गांव में पकड़ा गया, जो लिटन पुलिस स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर दूर है.
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल-इम्फाल रोड पर स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बेगुनाह आम लोगों को बंदी बनाया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि वे इंसानियत की परंपराओं को बनाए रखें और सभी आम लोगों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करें.
सिंह ने पीड़ितों के परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने सीनियर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और सभी आम लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए. उन्होंने सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन (सीएसओ) से भी हालात शांत करने में मदद की अपील की.
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि किसी भी गैर-कानूनी काम के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी से हिंसा छोड़ने की अपील की.
फरवरी में, लिटन सारेखोंग में कुकी और तांगखुल नागा समुदायों के बीच झगड़े के कारण जातीय झड़पें हुईं, जिसमें 30 से अधिक घरों में आग लगा दी गई. तांगखुल मणिपुर की सबसे बड़ी नागा जनजाति है.
तांगखुल नागाओं की सबसे बड़ी बॉडी, तांगखुल नागा लॉन्ग (वर्किंग कमेटी) ने बुधवार को कुकी-आबादी वाले शांगकाई गांव से संदिग्ध कुकी मिलिटेंट्स द्वारा किडनैप किए गए नागा यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के लिए दो घंटे का अल्टीमेटम दिया.
सीनियर पुलिस अधिकारियों की लीडरशिप में सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी इलाके में पहुंची और बंधकों को बचाने के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया.
शांगकाई गांव की अथॉरिटी ने सरकार से अपील की कि वे हिरासत में लिए गए गांववालों की सुरक्षा और रिहाई सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जाए.
गांव की अथॉरिटी ने अधिकारियों से कहा कि वे तनाव बढ़ने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं.