
कोलकाता, 20 फरवरी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप घोष ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के लोग इस बार परिवर्तन की इच्छा रखते हैं और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इसे रोकने में असफल होगी. उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर टीएमसी पर भी हमला किया.
दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी डरी हुई है, इसलिए वह एसआईआर, कोर्ट और चुनाव आयोग का विरोध कर रही है. उन्होंने कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “बंगाल में भाजपा असली चुनौती है, इसलिए टीएमसी पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के सदस्यों को निशाना बना रही है. इस बार हर गांव में लोगों की सोच बदल गई है. लोग परिवर्तन चाहते हैं और टीएमसी इसे रोक नहीं पाएगी.”
भाजपा विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा के टीएमसी में शामिल होने पर दिलीप घोष ने कहा, “उनका भाजपा के साथ समझौता था. उन्होंने भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था. अब वे अलग हो गए हैं. पहले दिन से ही वे भाजपा के सिद्धांत और कार्य पद्धति के साथ नहीं थे. चुनावों से चीजें स्पष्ट हो गई हैं, जो अच्छी बात है. हम अपने जिताऊ उम्मीदवार को उनके क्षेत्र से मैदान में उतारेंगे.”
फ्रीबीज के मुद्दे पर दिलीप घोष ने कहा कि यह हर राज्य में होता है. सभी पार्टियां कुछ हद तक ऐसा करती हैं. इसके खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बोल चुके हैं कि विकास के लिए दिए गए फंड का इस्तेमाल अन्य कामों के लिए नहीं होना चाहिए. लेकिन अब यह एक परंपरा बन गई है.
उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि फ्रीबीज के बल पर जीत मिलती है, क्योंकि दिल्ली में भी पिछली सरकार ने काफी कुछ फ्री किया था, लेकिन उसे जीत नहीं मिली. जो सरकारें विकास नहीं कर पाती हैं, वे मुफ्त योजनाओं की घोषणा करती हैं.”
भाजपा नेता ने आगे कहा, “पश्चिम बंगाल की हालत बेहद गंभीर है. यहां सड़कें पूरी तरह खराब हैं और युवाओं के पास रोजगार नहीं है. फ्रीबीज की राजनीति से लोगों को भला नहीं होता है.”
फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ के विरोध को लेकर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “अगर किसी को लगता है कि सच दिखाना नफरत फैलाना है, तो वह नफरत पहले से मौजूद है. सिनेमा का काम उसे सामने लाना है. असलियत दिखानी चाहिए ताकि समाज में परिवर्तन हो. अगर आप इसे दबाते हैं या छिपाने का समर्थन करते हैं, तो हालात और खराब होंगे.”