ईरान से समझौता मध्य पूर्व में स्थिरता ला सकता है: ट्रंप

वॉशिंगटन, मार्च 24: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत मध्य पूर्व में दीर्घकालिक स्थिरता ला सकती है. यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और लाखों प्रवासियों का घर है.

फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बहुत मजबूत हो रही है और वे एक संभावित समझौते के करीब हैं. उन्होंने कहा कि चर्चा में लगभग सभी सहमति बिंदुओं को शामिल किया गया है और यह जल्द ही एक समझौते की दिशा में बढ़ सकती है.

ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों पक्ष पांच दिन के भीतर प्रगति का आकलन कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल होती है, तो सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है. उन्होंने कहा, “अगर सब ठीक रहा तो हम इसे सुलझा लेंगे, नहीं तो हम बमबारी जारी रखेंगे.”

उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने देगा. ट्रंप ने नो एनरिचमेंट (यूरेनियम संवर्धन नहीं) और क्षेत्रीय शांति पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह समझौता इजरायल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों के लिए फायदेमंद होगा.

ट्रंप ने बताया कि बातचीत का यह दौर ईरान ने शुरू किया. उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं.”

उन्होंने यह भी कहा कि किसी समझौते के तहत अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर नियंत्रण ले सकता है. ट्रंप ने ईरान की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि संघर्ष के पहले चरणों में कई नेतृत्व समूह खत्म हो चुके हैं.

हालांकि, ट्रंप ने परिणाम को लेकर अनिश्चितता भी जताई और कहा, “मैं कुछ भी गारंटी नहीं दे रहा.” उन्होंने तेल बाजारों पर बात करते हुए कहा कि समझौते का वैश्विक असर तुरंत दिख सकता है, और जैसे ही समझौता होगा, तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी.

ट्रंप ने घरेलू मुद्दों पर भी बात की, जिसमें अमेरिकी हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) एजेंटों की तैनाती शामिल है. उन्होंने डेमोक्रेट्स को संघीय शटडाउन और आव्रजन नीतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया.

ट्रंप ने आईसीई की सराहना करते हुए कहा कि वे अच्छा काम कर रहे हैं. उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर पहले किए गए हमलों का बचाव किया और कहा कि इससे ईरान का परमाणु कार्यक्रम काफी पीछे धकेल दिया गया है.

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