
तिरुवनंतपुरम, 21 मार्च: केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपनी सरकार के दस साल के कार्यकाल का जोरदार बचाव किया है. उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, सामाजिक क्षेत्र के पुनर्जीवन और दीर्घकालिक योजना को वामपंथी मोर्चे की लगातार तीसरी जीत की आधारशिला बताया.
विशेष बातचीत में विजयन ने कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने ऐसे समय में सत्ता संभाली थी जब “सामान्य असंतोष” का माहौल था, लेकिन सरकार ने तेजी से बुनियादी ढांचे को विकास का इंजन बनाते हुए प्राथमिकता दी.
उन्होंने कांग्रेस-नेतृत्व वाले यूडीएफ पर सांप्रदायिक ताकतों के साथ गठजोड़ का आरोप लगाया और वामपंथ छोड़ने वालों पर भी निशाना साधा. विजयन ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता में कोई स्वीकार्यता नहीं मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा, “कई मामलों में यूडीएफ सांप्रदायिक ताकतों के साथ खड़ा है. उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में कुछ स्थानों पर भाजपा के साथ हाथ मिलाया. यह पूरे राज्य में स्पष्ट था. हम, एलडीएफ, ऐसे कदमों के लिए तैयार नहीं हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “जो लोग पार्टी माकपा छोड़कर गए, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. वे हमारे और जनता के लिए गद्दार हैं. उन्हें जनता की स्वीकार्यता नहीं मिलेगी.”
सबरीमाला मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा, “इसका स्थानीय निकाय चुनावों पर ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा. पांडलम में भी परिणाम सकारात्मक रहे. हर स्थानीय निकाय की अपनी शासन संबंधी चुनौतियां होती हैं.”
विजयन ने राष्ट्रीय राजमार्गों में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए कुछ हिस्से राज्य के विकास की दिशा को स्पष्ट रूप से दिखाते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अब व्यवस्थित रूप से सुधार हुआ है. शिक्षा क्षेत्र में भी उन्होंने बड़े बदलाव का दावा किया. सरकारी स्कूलों को पुनर्जीवित करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है.
बुनियादी ढांचा वित्तपोषण पर विजयन ने केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड के पुनरुद्धार को अहम बताया. प्रमुख परियोजनाओं में हिल हाईवे और कोस्टल हाईवे शामिल हैं.
विजयन ने “विजन 2031” का जिक्र किया, जिसमें अगले पांच वर्षों के लिए क्षेत्रवार विकास लक्ष्य तय किए गए हैं. उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान केरल के प्रबंधन को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली.
राजनीतिक तौर पर विजयन ने भारतीय जनता पार्टी की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि राज्य उसके लिए “दरवाजा नहीं खोलेगा” और भविष्यवाणी की कि उसे एक भी सीट नहीं मिलेगी.
विजयन ने कहा कि “नया केरल” 2031 तक कोई कल्पना मात्र नहीं, बल्कि एक दशक के शासन पर आधारित हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य है.