अनिल बलूनी की अमित शाह से मुलाकात, ज्योतिर्मठ के गांवों को वाइब्रेंट विलेज योजना में शामिल करने की मांग

नई दिल्ली, 25 मार्च: गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना में चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ विकासखंड की कुछ ग्राम सभाओं को शामिल करने का पत्र सौंपा.

अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीमांत गांवों को उन्नत बनाने की योजना ‘वाइब्रेंट विलेज’ में चमोली जनपद के जेलम, जुम्मा, कागा गरपक और द्रोणागिरी जैसी ग्राम सभाओं को शामिल करने का पत्र सौंपा. गृह मंत्री ने इस विषय पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.”

सांसद बलूनी ने पत्र की प्रति भी साझा की, जिसमें विस्तार से मांग रखी गई है. पत्र में बताया गया है कि नीति घाटी के कई गांवों को पहले ही इस योजना में शामिल किया जा चुका है, जो सराहनीय है. इस योजना के जरिए सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा.

हालांकि, ज्योतिर्मठ विकासखंड के अंतर्गत जेलम, जुम्मा, कागा गरपक और द्रोणागिरी जैसी ग्राम सभाएं अभी भी इस योजना से वंचित हैं. इन गांवों के ग्रामीण लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं. पत्र में अमित शाह से विनम्र अनुरोध किया गया है कि इन ग्राम सभाओं को भी योजना के अंतर्गत शामिल किया जाए, ताकि निवासियों को विकास के समान अवसर मिल सकें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना मुख्य रूप से भारत की उत्तरी सीमा से सटे गांवों के विकास के लिए है. इसका उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देकर गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है. इससे न केवल स्थानीय लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि सीमा सुरक्षा भी मजबूत होगी.

उत्तराखंड में चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों के कई सीमांत गांव पहले ही इस योजना के दायरे में आ चुके हैं. अब ज्योतिर्मठ क्षेत्र की ग्राम सभाओं को शामिल करने की मांग स्थानीय स्तर पर जोर पकड़ रही है.

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