ईसीआई ने बंगाल सरकार को चुनाव अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर का निर्देश दिया

कोलकाता, फरवरी 15: भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि वह उन चुनाव अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे, जिनके खिलाफ राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट में नकली वोटरों के नाम शामिल करने के सबूत मिले हैं.

पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (सीईओ) के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि आयोग ने शनिवार शाम को राज्य सचिवालय को एक नया संदेश भेजा, जिसमें इन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अंतिम तिथि 17 फरवरी (मंगलवार) निर्धारित की गई है.

सूत्र ने कहा, “ईसीआई ने पाया कि इन चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए बार-बार याद दिलाने के बावजूद, राज्य सरकार ने कार्रवाई में लापरवाही बरती. इसलिए, आयोग ने इस मामले में समय सीमा तय करने का निर्णय लिया.”

जिन चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है, उनमें से दो दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) देबोत्तम दत्ता चौधरी और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एईआरओ) तथागत मंडल शामिल हैं.

बाकी दो अधिकारी पूर्वी मिदनापुर जिले के मोयना विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ बिप्लब सरकार और एईआरओ सुदीप्ता दास हैं.

पिछले साल अगस्त में, नई दिल्ली में ईसीआई के मुख्यालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को इन चार चुनाव अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था.

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