Wednesday , 27 October 2021

RELIGION

जानिए बुधवार का राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, कार्तिक कृष्ण पक्ष, शरद ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिम तिथि षष्ठी, बुधवासरे, पुर्नवसु नक्षत्रें, सिद्ध योगे, वणिककरणे, मिथुन की चंद्रमा, भद्रा सुबह 6/57 अन्न प्रासन्न व्यापार लघु वृक्षारोपण, तथापि उत्तर दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, चतुर, दार्शनिक, उत्तम वृत्ति वाला, …

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नवरात्रि पर विशेष – कन्या पूजन का महापर्व है दुर्गा अष्टमी!

(लेखक- डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट / ) दुर्गा अष्टमी एक ऐसा कन्या पूजन का महापर्व है,जब हम कन्या को देवी रूप में पूजते है.कन्या पूजन के लिए कन्याओं को मिलना भी इस अवसर पर कठिन हो जाता है.इस बार अष्टमी तिथि 12 अक्टूबर को रात 9 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर 13 अक्टूबर की रात 08 बजकर 06 मिनट …

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बुधवार का राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, आश्वनि शुक्ल पक्ष, शरद ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि अष्टमी, बुधवासरे, पू.षा. नक्षत्रें, अतिगंड योगे, विवकरणे, धनु की चंद्रमा, भद्रा दो 1/13 तक दुर्गाष्टमी पूजन महानिशा पूजा औषधि सेवन मुर्हूत शिल्प कला मु.दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, चपल, …

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चिंतन-मनन / सिद्धांत गौण है, सत्ता प्रमुख

पिछले दिनों में राष्ट्रीय रंगमंच पर जिस प्रकार का राजनीतिक चरित्र उभरकर आ रहा है, वह एक गंभीर चिंता का विषय है. ऐसा लगता है, राजनीति का अर्थ देश में सुव्यवस्था बनाए रखना नहीं, अपनी सत्ता और कुर्सी बनाए रखना है. राजनीतिज्ञ का अर्थ उस नीति-निपुण व्यक्तित्व से नहीं है, जो हर कीमत पर राष्ट्र की प्रगति, विकास-विस्तार और समृद्धि …

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शूर्पणखा पुत्र शम्बर का वध प्रसंग

 (लेखक-डॉ. नरेन्द्रकुमार मेहता / ) गिरधर रामायण (गुजरात (Gujarat)ी) लेखक महाकवि गिरधर दास ने अपने ग्रन्थ में शूर्पणखा के पुत्र शम्बर के वध का वर्णन लक्ष्मण द्वारा बतलाया है और लिखा है कि अपने पुत्र केहत्या (Murder) रे को वह ढूँढ लेती है. उसका बदला लेने के लिए वह अपूर्व सुन्दरी का स्वरूप धारण करती है और अपनी चार सहेलियों …

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मॉं पीताम्बरा / मुश्किल कार्य को आसान बनाती है

(लेखक-विष्ण अग्रवाल / ) मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के हृदय स्थल ग्वालियर (Gwalior) से 70 किलोमीटर दूर स्थित माँ पीताम्बरा पीठ इन दिनों धमत्कार का केन्द्र बना हुआ है. यहां आने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. अखण्ड ब्रहम्चारी स्वामी जी स्वामी जी महाराज ने बचपन से ही सन्यास ग्रहण कर लिया था. स्वामी जी यही एक स्वतंत्र अखण्ड ब्रहमचारी …

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आठवां दिवस : महागौरी

श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बारधरा शुचि:. महागौरी शुभं दद्यान्हादेवप्रमोददा.. माँ दुर्गा जी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है. इनका वर्णपूर्णत: गौर है. इस गौरता की उपमा शखं, चन्द्र और कुन्दके फूल से दी गयी है. इनकी आयु आठ वर्षकी मानी गयी है-‘अष्टवर्षा भवेद् गौरी’ इनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण आदि भी श्वेत हैं. इनकी चार भुजाएं हैं. इनका वाहन वृषभ …

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नवरात्रि पर विशेष – कन्या पूजन का महापर्व है दुर्गा अष्टमी!

(लेखक- डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट / ) दुर्गा अष्टमी एक ऐसा कन्या पूजन का महापर्व है,जब हम कन्या को देवी रूप में पूजते है.कन्या पूजन के लिए कन्याओं को मिलना भी इस अवसर पर कठिन हो जाता है.इस बार अष्टमी तिथि 12 अक्टूबर को रात 9 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर 13 अक्टूबर की रात 08 बजकर 06 मिनट …

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चिंतन-मनन / सुखी रहने के लिए लें धर्म की शरण!

दुनिया का हर व्यक्ति केवल सुख ही चाहता है. दुख से सब दूर भागते हैं. यदि हमें सुखी रहना है तो सबसे पहले धर्म से जुड़ना होगा. किसी के मन को दुखाना भी पाप है. भागदौड़ भरी जिंदगी में आज हर व्यक्ति विवेक नहीं रख पाता है. इसलिए पाप बंध को बांधता चला जाता है और पाप बंधने के कारण …

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नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री की पूजन

नई दिल्ली (New Delhi) . नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक बड़े ही धूम- धाम से मनाय जाता है. नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा- अर्चना की जाती है. मां शैलपुत्री सौभाग्य की देवी हैं. उनकी पूजा से सभी सुख प्राप्त होते हैं. पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप …

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शारदीय नवरात्र, घट स्थापना एवं दुर्गा प्रतिमा स्थापना,

भोपाल (Bhopal) . शारदीय नवरात्र के अवसर पर घट स्थापना एवं दुर्गा प्रतिमा स्थापना का पूजन महूर्त निम्नानुसार है-‘ पूजन- शुभ मुहूर्त सूर्योदय- प्रातः 6:21:45, सूर्यास्त- सायं 6:07:19, दिनमान- 11 घण्टा, 45 मिनिट 34 सेकेण्ड प्रात:कालिन चौघड़ियाँ (स्टैण्डर्ड समय) शुभ- प्रातः 6:22 से 7:50 चर- प्रातः 10:46 से 12:15 लाभ- मध्यान्ह 12:15 से 1:43 अमृत- सायं 4:39 से 6:07 रात्रि:कालिन …

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कौवे की घटती जनसंख्या

अभी पितृपक्ष चल रहा है. भारतीय परंपरा के अनुसार करोड़ों लोग अपने पितरों के श्राद के लिए, भोजन छत पर रखकर, पूजा करते है. और ऐसा मानते है कि जोह कोवे इसको ग्रहण करते है तो सीधा पितरों तक पहुंचता है. पर बीते कुछ वर्षों से, कोवो का आना बंद हो गया है, इस साल तो शहर भर में किसी …

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रविवार का राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, आश्वनि कृष्ण पक्ष, शरद ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि पंचमी, रविवासरे, कृतिका नक्षत्रे, वल योगे, तैतिल करणे, वृष की चंद्रमा, षष्टी श्राद्ध, धान्य छेदन, मूल समाप्त प्रा.6/35 सर्वार्थ सिद्ध योग, दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, …

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चिंतन-मनन / ध्वनि तंरगों से रोगें का उपचार

यह बात जान कर आप सभी को आश्चर्य होगा की ध्वनि तंरगें से भी रोगों के उपाच होते है. यह विश्व जीवों से भरा है. ध्वनि तंरगों की टकराहट से सुक्ष्म जीव मर जाते है, रात्री में सूर्य की पराबैगनी किरणां के अभाव में सूक्ष्म जीव उत्पन्न होते है जो ध्वनि तरगों की टकराहट से मर जाते है. ध्वनि तरगों …

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घर में हमेशा ज्यादा मात्रा में लाए ये चार चीजें -रसोई में इन चीजों की होगी कमी तो रूठ जाएंगी लक्ष्मी

नई दिल्ली (New Delhi) . वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं, जो मां लक्ष्मी को पसंद नहीं हैं. इन चीजों की वजह से घर में नकारात्मकता रहती है.घर की रसोई में ऐसी ही चार चीजें हैं, जिन्हें हमेशा ज्यादा मात्रा में लाएं, क्योंकि भूलकर भी ये चीजें रसोई में खत्म हो जाती हैं, तो नकारात्मकता का प्रभाव …

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गोविंदेदवजी मंदिर में भक्त कल से कर सकेंगे मंगला झांकी के दर्शन

जयपुर (jaipur) . जयपुर (jaipur)के आराध्यदेव गोविंददेवजी मंदिर के श्रद्धालुओं से जुड़ी खबर है. 5 महीने से ज्यादा समय के अंतराल के बाद मंदिर प्रशासन ने मंगला और शयन आरती में आमजन को प्रवेश देने का निर्णय किया है. इस तरह मंदिर में 22 सितम्बर से श्रद्धालु सभी 7 झांकियों के दर्शन कर सकेंगे. मंगला आरती का समय सुबह 5 …

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पूर्वजो के प्रति कृतज्ञता का पर्व पितृ पक्ष

आप सभी के लिए के लिए पितृ पक्ष इसवर्ष 20 सितम्बर से शुरू होगा.यह हर हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पुरनुईमा से सोलह दिन के लिए श्राद्ध पक्ष का प्रारब्ध होता है, और यह 6 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा.इसे महालय या पितृपक्ष बोलते है.श्रद्धा शब्द जोहै श्रद्धा से बना है जिसका अर्थ पितरो के प्रति श्रद्धा भाव से …

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17 दिवसीय पितृ पक्ष आज से

जयपुर (jaipur) . सनातन भारतीय संस्कृति में दिवगंत पूर्वजों की आत्मा की त़ृप्ति तथा उनके प्रति श्रद्धा से जुड़ा 17 दिवसीय श्राद्ध पर्व आज से आरंभ होगा. भारतीय कैलेंडर के तिथि अनुसार देवलोक हुए पूर्वजों के नाम पर सगोत्र उच्चारण कर तिल, जौ, कच्चे दूध, पुष्प, डाब के साथ घरों अथवा पवित्र जलाशयों पर तर्पण किया जाएगा. मान्यता के अनुसार …

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गुरुवार का राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, भाद्रपद शुक्ल पक्ष, वर्षा ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि दसवीं, गुरुवासरे, प्.ूषा. नक्षत्रे, शोभन योगे, गरकरणे, धनु की चंद्रमा, भद्रा रात्रि 12/05 तक वामन जयंती, सर्वार्थ सिद्ध योग तथापि पूर्व दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक उत्तम वृत्ति वाला, दार्शनिक, सुंदर, सुशील, …

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भगवान गणेश की आराधना से होंगी सभी मनोकामनाएं पूरीं

सनातन धर्म में किसी भी शुभ काम की शुरुआत भगवान गणेश के नाम के साथ ही होती है. मान्यता है कि खुद देवता भी भगवान गणेश का नाम लिए बिना अपने किसी कार्य की शुरूआत नहीं करते. शास्त्रों में वर्णित है कि सभी देवताओं से पहले गणेश की पूजा का प्रावधान है. बिना गणेश की पूजा शुरू किए अगर किसी …

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गणेश जी को इसलिए चढ़ाई जाती है दूर्वा

आजकल सब जगह भगवान गणेश विराजे हुए हैं. गणेशोत्सव के दौरान घर-घर में गणपति की स्थापना की जाती है और भली-भांति पूजा की जाती है. इस दौरान भगवान गणेश को कई चीज़ें अर्पित भी की जाती हैं जिसमें से एक दूर्वा भी है. कहा जाता है कि बिना दूर्वा के भगवान गणेश की पूजा पूरी नहीं होती है. आइए जानते …

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चिंतन-मनन / कैंची काटती है, सुई जोड़ती है

कैंची काटती (तोड़ती) है और सुई जोड़ती है. यही कारण है कि तोड़ने वाली कैंची पैर के नीचे पड़ी रहती है और जोड़ने वाली सुई सिर पर स्थान पाती है. इसलिए मनुष्य का यही धर्म है कि इनसान को जोड़े न कि तोड़े. उन्होंने सास-बहू में एका होने का आह्वान भी किया. राष्ट्र संत तरुण सागर महाराज ने कई उदाहरणों …

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बुधवार का राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, भाद्रपद शुक्ल पक्ष, वर्षा ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि नवमी, बुधवासरे, मूल नाम नक्षत्रे, आ/सा करणे, कौलव करणे, धनु की चंद्रमा, मूल समाप्त दिन के 7/54 जातकर्म, नामाकरण, नवान्न भोजन, औषधि सेवन, व्यापार रोग स्नान मु.पूर्व दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक …

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चिंतन-मनन / जहाँ शांति है वही सुख

यदि हमारे पास दुनिया का पूरा वैभव और सुख-साधन उपलब्ध है परंतु शांति नहीं है तो हम भी आम आदमी की तरह ही हैं. संसार में मनुष्यों द्वारा जितने भी कार्य अथवा उद्यम किए जा रहे हैं सबका एक ही उद्देश्य है ‘शांति’. सबसे पहले तो हमें ये जान लेना चाहिए कि शांति क्या है? शांति का केवल अर्थ यह …

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गणपति को सिद्धिदाता क्यों कहा गया?

क्योंकि, वे श्रद्धा और विश्वास से बने हैं, इनके बिना किसी भी काम में दक्षता संभव नहीं जगद‌्गुरु शंकराचार्य स्वामी शांतानंद सरस्वती ने गणेश अंक में लिखा है- गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरित मानस में पार्वती जी को श्रद्धा और शंकर जी को विश्वास का रूप माना है. किसी भी कार्य की सिद्धि यानी पूर्णता और दक्षता के लिए श्रद्धा …

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लिखने से पहले श्री गणेशाय नम: क्यों?

क्योंकि, अक्षरों को गण कहते हैं, गणेश इनके अधिष्ठाता, इनके इस्तेमाल में गलती न हो गण शब्द व्याकरण में भी आता है. अक्षरों को गण कहा जाता है. अक्षरों के ईश यानी देवता होने के कारण भी गजानन को गणेश कहा जाता है. छन्द शास्त्र में मगण, नगण, भगण, यगण, जगण, रगण, सगण, तगण ये आठ तरह के गण होते …

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गणेशजी वाणी के देवता क्यों कहे गए?

क्योंकि, वे बुद्धि को सत्य, वाक्य को शक्ति देते हैं, ऋ ग्वेद में वाणी के स्वामी कहे गए हैं बुद्धि के दो आयाम हैं. एक, यदि बुद्धि सत्य का पालन नहीं करती तो वह नुकसानदायक होती है. दो, वह सत्य पर चलती है, तो शुभ होती है. ऐसे ही हर वाक्य का आधार है सत्य. वाक्य के तत्व गणेश हैं …

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गणेशजी प्रथम पूज्य क्यों हैं ?

क्योंकि, इन्हें शिव का वरदान है, जलतत्व के अधिपति और सभी देवताओं का इनमें निवास है शिव महापुराण में उल्लेख है, मां पार्वती के द्वारपाल गणेशजी का सिर शिवजी ने काट दिया था और फिर उनकेे शरीर पर हाथी का सिर जोड़ा. जब पार्वतीजी ने शिवजी से इस रूप में पुत्र की पूजा पर प्रश्न उठाया तब शिवजी ने वरदान …

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गणेश चतुर्थी 2021, गणेश चतुर्थी क्यों मनाते हैं ?

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व है. भाद्रपस मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाते हैं. इस साल 2021 में गणेश चतुर्थी का पर्व 10 सितंबर से शुरू हो रहा है. इस दिन भगवान गणेश विराजेंगे और 19 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी के दिन उन्हें विदा किया जाएगा. पौराणिक मान्यता है कि भाद्रपद मास की …

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गणेश चतुर्थी पूजन शुभ मुहूर्त

भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी शुक्रवार (Friday) को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी. वैसे तो गणपति हर शुभाशुभ घड़ी में पूज्य हैं, लेकिन वेद वेदांग अनुशीलन संस्थान के अधिष्ठाता पं. दुर्गादत्त शिवदत्त शास्त्री के अनुसार ज्योतिषीय आधार पर श्रेष्ठ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा. मध्याह्न काल में: प्रात: 11.10 से 1.38 बजे तक. इस समय में अभिजित विजय वेला एवं स्थिर वृश्चिक लग्न …

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पति की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत; हरतालिका तीज आज मनाई जा रही पूरे श्रद्धाभाव के साथ

भोपाल (Bhopal) . राजधानी में आज महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा है. शहर में आज हरतालिका तीज पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाई जा रही है. म‎हिलाएं आज शाम को भगवान गणेशजी, शिव व पार्वती की पूजा करेंगी. रात्रि जागरण करेंगी. राजधानी के चौक, न्यू मार्केट सहित सभी छोटे-बड़े बाजारों में सुबह से फूलों …

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हृदय रेखा छोटी सा फिर हल्‍की होना अच्छा नहीं; हो सकता है तलाक

विवाह के लिए वर-वधू का योग देखने में हस्‍तरेखा का बहुत बड़ा योगदान होता है. किसी भी विवाह का भविष्‍य वर और कन्‍या की हथेली पर उपस्थित विभिन्‍न रेखाओं, पर्वतों और चिह्नों की स्थिति पर निर्भर करता है. कुछ ऐसी रेखाओं के बारे में जान लें जो विवाह के मामले में अच्छी साबित नहीं होतीं. हृदय रेखा यदि आपकी हृदय …

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भगवान श्रीकृष्ण की हर लीला भक्तों के मन को है लुभाती

भक्ति की परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाले भगवान हैं. योगेश्वर रूप में वे जीवन का दर्शन देते हैं तो बाल रूप में उनकी लीलाएं भक्तों के मन को लुभाती है.आज पूरब से लेकर पश्चिम तक हर कोई कान्हा की भक्ति से सराबोर है. चैतन्य महाप्रभु के भक्ति आन्दोलन के समय श्रीकृष्ण का जो महामंत्र प्रसिद्ध हुआ, …

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वास्तु के अनुसार बनायें घर

अगर आप घर बनवाते समय वास्तु का ध्यान रखेंगे तो जीवन में कई परेशानियों से बचे रहेंगे. घर में हमेशा दक्षिणी हिस्से में ही सीढ़ियां बनवानी चाहिए, इससे घर में धन का आगमन सुचारु रूप से होता है. घर के उत्तर-पूर्वी हिस्से तथा उत्तर दिशा में फव्वारा लगाना समृद्धि कारक होता है. इस दिशा में छत पर वाटर टैंक लगाना …

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सूर्यदेव की लकड़ी की प्रतिमा होती है शुभ

मान्यता है कि भगवान गणेश के साथ-साथ सूर्य देव की उपासना करना बहुत फलदायी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है. इसीलिए इसकी शुभ-अशुभ स्थिति व्यक्ति के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव डालती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्य देव की अलग-अलग प्रतिमाएं रखना शुभ माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र …

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तुलसी पूजन और गो सेवा से रहेंगे रोग दूर

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, बहुत सारे ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति सरल एवं सुलभ जीवन व्यतित कर सकता है. उन्हीं में से तुलसी पूजन और गो सेवा दो ऐसे शुभ कर्म हैं, जिस घर में प्रतिदिन होते हैं, वहां का द्वार रोग कभी नहीं खटखटाते और मिलते हैं ढेरों लाभ. ‘स्कंद पुराण’ के अनुसार जिस घर में …

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गुरुवार का जानिए राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, भाद्र शुक्ल पक्ष, वर्षा ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि तीज गुरुवासरे हस्त नक्षत्रे, शुक्ल योगे, तैतिल करणे, कन्या की चंद्रमा, हरतालिका तीज क्रत, जातकर्म नामाकरण, अन्नप्रासन्न, सूती स्नान दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, स्वाभिमानी, उत्तमवृत्ति …

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चिंतन-मनन / प्रेम और समर्पण

प्रेम जीवन की परम समाधि है. प्रेम ही शिखर है जीवन ऊर्जा का. वही गौरीशंकर है जिसने प्रेम को जाना, उसने सब जान लिया. जो प्रेम से वंचित रह गया, वह सभी कुछ से वंचित रह गया. प्रेम की भाषा को ठीक से समझ लेना जरूरी है. प्रेम के शास्त्र को ठीक से समझ लेना जरूरी है. क्योंकि प्रेम ही …

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जानिए मंगलवार का राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, भाद्र कृष्ण पक्ष, वर्षा ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि नवमी, मंगलवासरे, रोहिणी नक्षत्रे, हर्ष योगे, तैतिल्करणे, वृष की चंद्रमा, मेष वाहन अग्नि नाड़ी सामान्य वर्षा योग बनेगा, व्यापार मुर्हूत, दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ उत्तम होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, …

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देवभूमि द्वारका / जन्माष्टमी के अवसर पर द्वारका के जगत मंदिर में उमडा श्रद्धा का सैलाब

देवभूमि द्वारका . भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देवभूमि द्वारका स्थित जगत मंदिर में श्रद्धालुओं को सैलाब उमड़ पड़ा है. पिछले साल कोरोना महामारी (Epidemic) के कारण जगत मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद था. लेकिन इस वर्ष कोरोना गाइडलाइन के साथ भक्तों के लिए खुला है और सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. द्वारका मंदिर की …

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श्रीकृष्ण का जीवन दर्शन एवं अलौकिक लीलाएं

 (लेखक- योगेश कुमार गोयल / ) जन्माष्टमी का त्यौहार प्रतिवर्ष भाद्रपक्ष कृष्णाष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व का भारतीय संस्कृति में इतना महत्व इसीलिए माना गया है क्योंकि श्रीकृष्ण को भारतीय संस्कृति का विलक्षण महानायक माना गया है. उनके व्यक्तित्व को जानने के लिए उनके जीवन दर्शन और अलौकिक लीलाओं …

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आज जन्म लिए बालक का फल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, भाद्र कृष्ण पक्ष, वर्षा ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि अष्टमी, सोमवासरे, कृतिका नक्षत्रे, ध्रुव योगे, विवकरणे, कृष्ण जन्माष्टमी क्रत, सर्वार्थ सिद्ध योग व्यापार, धान्य छेदन, दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ उत्तम होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, स्वाभिमानी, उत्तमवृत्ति वाला, योगी-भोगी, …

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चिंतन-मनन / कर्त्तव्य को बनाएं सर्वोपरि लक्ष्य

अध्यापक ने विद्यार्थियों से पूछा- ‘रामायण और महाभारत में क्या अंतर है?’ विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी समझ के अनुसार उत्तर दिए. अध्यापक को संतोष नहीं हुआ. एक विद्यार्थी ने अनुरोध किया- ‘आप ही बताइए’ अध्यापक बोला-रामायण और महाभारत में सबसे बड़ा अंतर है ‘हक-हकूक’ का. रामायण में राम ने अपना अधिकार छोड़ा, राज्य छोड़ा और चौदह वर्षों तक वन में जाकर …

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धर्म- संस्कृति : जन्माष्टमी पर लगता है दरगाह में मेला

(लेखक- रमेश सर्राफ धमोरा / ) राजस्थान (Rajasthan) में झुंझुनू जिले के नरहड़ में स्थित पवित्र हाजीब शक्करबार शाह की दरगाह कौमी एकता की जीवन्त मिशाल हैं. इस दरगाह की सबसे बड़ी विशेषता हैं कि यहां सभी धर्मो के लोगों को अपनी-अपनी धार्मिक पद्धति से पूजा अर्चना करने का अधिकार है. कौमी एकता के प्रतीक के रुप मे ही यहां …

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गीता उपदेश के निमित्त बने थे श्रीकृष्ण!

(लेखक- डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट / ) पुराणों,वेदों और उपनिषदों की माने तो अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महाभारत कुरुक्षेत्र की भूमि पर हुआ था,लेकिन अपनो का अपनो के ही विरुद्ध युद्ध कैसे धर्म युद्ध कहा जा सकता है? महाभारत के सूत्रधार योगीराज श्रीकृष्ण क्यो अपनो से ही अपनो को युद्ध के लिए प्रेरित करते ?और उनके मुख …

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श्रीकृष्ण की धर्म नीति

(लेखक-डॉ. कृष्णगोपाल मिश्र / ) लोकजीवन में ‘धर्म’ शब्द जितना अधिक सुपरिचित है उसका अर्थ-बोध उतना ही अधिक व्यापक एवं गूढ़ है. अर्थ-विस्तार की दृष्टि से धर्म मानव-जीवन के उन समस्त पक्षों का सम्यक् संवहन करता है, जो जीवन को रचनात्मकता एवं सुंदरता की ओर अग्रसर करते हैं किंतु अर्थ-संकोच की दृष्टि से धर्म विशिष्ट विश्वास-प्रेरित पूजा-पद्धति के अर्थ में …

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नरेशपुरी बने मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के महंत

मेहंदीपुर बालाजी. ख्यातिनाम सिद्धपीठ मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के प्रधान महंत की गद्दी पर शनिवार (Saturday) को नरेशपुरी गोस्वामी को संतों व पंच-पटेलों ने सर्वसम्मति से चादर देकर आसीन कर दिया. संत परंपरा अनुसार 11 पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई. सबसे पहले महंत परिवार, इसके बाद अयोध्या (Ayodhya) के हनुमानगढ़ी के संतों व 15 गांव के प्रबुद्ध लोगों …

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राशिफल : दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ उत्तम होगी

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, श्रावण शुक्ल पक्ष, वर्षा ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि त्रियोदशी, शुक्रवासरे, उ़ षा. नक्षत्रे, आद्र योगे, कौलवकरणे, मकर की चंद्रमा, प्रदोष क्रत, सर्वार्थ सिद्ध योग, अन्नप्रासन्न गृहारंभ, वृक्षारोपण, धान्यछेदन, गृहप्रवेश, दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ उत्तम होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, चपल, चतुर, …

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चिंतन-मनन / प्राणवान प्रतिभाओं की खोज

प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए तदनुरूप योग्यता एवं कर्मनिष्ठा उत्पन्न करनी पड़ती है. साधन जुटाने पड़ते हैं. कठिनाइयों से जूझने, अड़चनों को निरस्त करने और मार्ग रोककर बैठे हुए अवरोधों को हटाने के लिए साहस, शौर्य और सूझबूझ का परिचय देना पड़ता है. जो कठिनाइयों से जूझ सकता है और प्रगति की दिशा में बढ़ चलने के साधन …

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शत्रुवत पीड़ादायक रोग : पाइल्‍स, बवासीर कितना कष्ट दायक !

बवासीर को दुष्ट रोग की श्रेणी में आता हैं.यह शत्रुवत कष्टदायक होता हैं.इसका मुख्य कारण हैं इसके अलावा यह छह प्रकार के होते हैं —वातिक,पैत्तिक,कफज सन्निपातिक,शोणितज और सहज प्रकार आयुर्वेद अनुसार होते हैं, वातिक बवासीर के कारण — कषायकटु तिक्तआनि,रूक्ष्शीतलघुणि च. प्रमिता अल्पशन्म तीक्ष्णनम मद्य मैथुनसेवनं. लंघनं देशकालौ च शीतो व्यायाम कर्म च. शोको वाटतपस्पर्शों हेतुर वाताशरसां मत : ,चरपर,कषैले,तिक्त …

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विद्याधाम पर दूल्हा बने भोलेनाथ श्रावणी अनुष्ठान का समापन 19 को

इन्दौर. विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम पर श्रावण मास के अंतिम सोमवार (Monday) को शिव मंदिर पर भगवान का दूल्हे के रूप में मनभावन श्रृंगार किया गया. आश्रम परिवार के पूनमचंद अग्रवाल, पं. दिनेश शर्मा एवं राजेंद्र महाजन ने बताया कि आश्रम के पं. लोकेश जोशी एवं पं. आशीर्वाद जोशी ने 6 घंटे के मैराथन परिश्रम से यह झांकी तैयार की. …

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जानिए रविवार का राशिफल

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, आषाढ़ कृष्ण पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि दसवीं, रविवासरे, अश्विनी नाम नक्षत्रे, शुक्रयोगे, वणिककरणे, मेष की चंद्रमा, भद्रा सु.7/18 तक मूल समा.दिन में 10/49 सर्वार्थ सिद्ध योग, पूर्व की यात्रा शुभ उत्तम होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, स्वाभिमानी, …

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जानिए बुधवार का राशिफल आपके लिए कैसा रहने वाला है

शुभ संवत 2078, शाके 1943, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पश्चिमें तिथि चतुर्दर्शी, बुधवासरे, अनुराधा नक्षत्रे, साध्य योगे, गरकरणे, वृश्चिक की चंद्रमा, भद्रा 4/23 तक मूल प्रारंभ दिन के 10/28 सर्वार्थ सिद्ध योग, अमृत सिद्ध योग रोग विमुक्ता स्नान मुर्हूत तथापि उत्तर दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज …

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घर के रंग का भी पड़ता है प्रभाव

घर में सुख शांति और संपन्नता में वास्तु का भी अहम स्थान होता है. इसलिए घर का रंग भी सही होना चाहिये. वास्तु के अनुसार अपने घर के फर्श के रंग का चुनाव सोच-समझकर करें क्योंकि रंग भी घर में भी रहने वाली सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा को प्रबावित करते हैं. घर में यदि सही रंगों का प्रयोग किया गया …

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संत एकनाथ विरचित मराठी भावार्थ रामायण में मन्दोदरी जन्मकथा प्रसंग

(लेखक/ -डॉ. नरेन्द्रकुमार मेहता) एकनाथ महाराज विरचित मराठी भावार्थ रामायण के अनुसार रावण की माता कैकसी पाँच अनाज को पीसकर पंचमुखी शिवलिंग बनाती थी और उसकी नियमित पूजा-अर्चना करती थी. वह सोचती थी कि ऐसा करने से उसके पुत्र अक्षय होंगे. एक बार शिवरात्रि के दिन उसने शिवलिंग की षोड़षोपचार विधि से पूजा की और तीन पत्तियों वाले एक लक्ष …

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चिंतन-मनन / शुद्ध भक्त सर्वोत्तम

निर्विशेषवादी के लिए ब्रह्मभूत अवस्था अर्थात ब्रह्म से तदाकार होना परम लक्ष्म होता है. लेकिन साकारवादी शुद्धभक्त को इससे भी आगे शुद्ध भक्ति में प्रवृत्त होना होता है. इसका अर्थ हुआ जो भगवद्भक्ति में रत है, वह पहले ही मुक्ति की अवस्था, जिसे ब्रह्मभूत या ब्रह्म से तादात्म्य कहते हैं, प्राप्त कर चुका होता है. परमेर या परब्रह्म से तदाकार …

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चिंतन-मनन / अज्ञान का आवरण

गुरू के पास डंडा था. उस डंडे में विशेषता थी कि उसे जिधर घुमाओ, उधर उस व्यक्ति की सारी खामियां दिखने लग जाएं. गुरू ने शिष्य को डंडा दे दिया. कोई भी आता, शिष्य डंडा उधर कर देता. सब कुरूप-ही-कुरूप सामने दीखते. अब भीतर में कौन कुरूप नहीं है? हर आदमी कुरूप लगता. किसी में प्रोध ज्यादा, किसी में अहंकार …

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चिंतन-मनन / सिद्धांत गौण है, सत्ता प्रमुख

पिछले दिनों में राष्ट्रीय रंगमंच पर जिस प्रकार का राजनीतिक चरित्र उभरकर आ रहा है, वह एक गंभीर चिंता का विषय है. ऐसा लगता है, राजनीति का अर्थ देश में सुव्यवस्था बनाए रखना नहीं, अपनी सत्ता और कुर्सी बनाए रखना है. राजनीतिज्ञ का अर्थ उस नीति-निपुण व्यक्तित्व से नहीं है, जो हर कीमत पर राष्ट्र की प्रगति, विकास-विस्तार और समृद्धि …

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चिंतन-मनन / प्रार्थना की पुकार

यदि प्रार्थना सच्ची हो तो परमपिता परमेश्वर उस प्रार्थना को जरूर ही सुनते हैं. परमपिता परमेश्वर अत्यंत कृपालु और दयालु हैं, परंतु प्रार्थना के लिए भी हृदय का पवित्र और निर्मल होना अत्यंत आवश्यक है. मन का पवित्र होना, अहंकार और अभिमान से रहित होना नितांत आवश्यक है. ऐसे पवित्र-हृदय-अंत: करण से उत्पन्न हुए भाव ही प्रार्थना हैं. हृदय की …

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चिंतन-मनन / नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का

सभी शास्त्र कहते हैं कि बिना भगवान को प्राप्त किये मुक्ति नहीं मिल सकती है. इसलिए भगवान की तलाश के लिए कोई व्यक्ति मंदिर जाता है तो कोई मस्जिद, कोई गुरूद्वारा, तो कोई गिरजाघर. लेकिन इन सभी स्थानों में जड़ स्वरूप भगवान होता है. अर्थात ऐसा भगवान होता है जिसमें कोई चेतना नहीं होती है. असल में भगवान की चेतना …

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पीले रंग को इसलिए मानते हैं शुभ

आमतौर पर लोग शुभ कार्यों में पीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं. ज्योतिष में भी पीले रंग को खास महत्व दिया गया है. पीले रंग का संबंध गुरु बृहस्पति से भी माना गया है.यह सूर्य के चमकदार हिस्से वाला रंग है. यह मुख्य रंगों का हिस्सा है और यह रंग स्वभाव से गर्म और ऊर्जा पैदा करने वाला होता …

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आदि शंकराचार्य के स्थापित मठ और उनके महावाक्य

प्राचीन भारतीय सनातन परम्परा के विकास और हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में आदि शंकराचार्य का महान योगदान है. उन्होंने भारतीय सनातन परम्परा को पूरे देश में फैलाने के लिए भारत के चारों कोनों में चार शंकराचार्य मठों की स्थापना की थी. ये चारों मठ आज भी चार शंकराचार्यों के नेतृत्व में सनातन परम्परा का प्रचार व प्रसार कर रहे हैं. …

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अंगूठे से जाने स्वभाव

जिन लोगों के अंगूठे का पहला पोर लम्बा होता है. वे लोग आत्‍मविश्‍वास से भरे होते हैं. वे अपना मार्गदर्शन खुद करने के साथ ही काफी जागरुक रहते हैं. हालांकि हथेली से जुड़ा यह पोर कुछ ज्‍यादा ही लंबा है तो इसका मतलब है कि यह व्‍यक्‍ति कुछ अलग होगा. जिन लोगों का पहला पोर छोटा होता है वे लोग …

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शाम के समय न करें ये काम

वास्तु शास्त्र में आर्थिक स्थिति को मजबूत और धन-संपत्ति बढ़ाने के लिए कुछ बातें बताई गई हैं. इसके साथ ही इस शास्त्र में किसी विशेष समय कुछ चीजें करने से भी मनाही है. जिससे आपके ऊपर कर्जा नहीं बढ़ता और घर में लक्ष्मी जी का वास होता है. कर्जे से बचने के लिए किन चीजों को शाम के समय नहीं …

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सोमवार का राशिफल जानिए आज क्‍या क्‍या होगा ?

शुभ संवत 2077, शाके 1942, सौम्य गोष्ठ, फाल्गुन शुक्ल पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रास्त पूर्वे तिथि दोइज, सोमवासरे, रेवती नक्षत्रे, शुक्लयोगे, कौलवकरणे, मीन की चंद्रमा, पंचक समाप्त रात्रि 2/40 सावन मास 8 मुस्लिम तथा उत्तर दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, शिक्षक, शिक्षाविद्, शिक्षा शास्त्री, लेक्चरार, प्रोफेसर, …

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चिंतन-मनन / एक प्रवाह है जीवन

जीवा एक प्रवाह है. वह रुकता नहीं, बहता रहता है. जो बहता है, वही प्रवाह होता है. जिसमें ठहराव है, गतिहीनता है, वह प्रवाह नहीं हो सकता. प्रवाह स्वच्छता का प्रतीक है, जबकि ठहराव में गंदगी की संभावना बनी रहती है. प्रवाह में जीवनी शक्ति है, जबकि ठहराव में अस्तित्व का लोप संभव है. ऐसी स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति अपने …

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चिंतन मनन / सुखी जीवन की राह

एक राजा हमेशा तनाव में रहता था. एक दिन उससे मिलने एक विचारक आया. उसने राजा से उसकी परेशानी पूछी तो वह बोला – मैं एक सफलतम राजा बनना चाहता हूं, जिसे प्रजा का हर व्यक्ति पसंद करे. मैंने अब तक अनेक सफल राजाओं के विषय में पढ़ा और उनकी नीतियों का अनुसरण किया, किंतु मुझे वैसी सफलता नहीं मिली. …

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आज है गुरुवार और जानिए राशिफल

शुभ संवत 2077, शाके 1942, सौम्य गोष्ठ, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रास्त पूर्वे तिथि षष्ठी, गुरुवासरे, विशाखा नक्षत्रे, व्यय योगे, गर करणे, तुला की चंद्रमा, भद्रा रात्रि 12/49 तक सर्वार्थ सिद्धयोग धनुष्ठायाम रवि पश्चिम दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, स्वाभिमानी तथा …

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चिंतन-मनन / विवेक ही धर्म है

युग के आदि में मनुष्य भी जंगली था. जब से मनुष्य ने विकास करना शुरू किया, उसकी आवश्यकताएं बढ़ गई. आवश्यकताओं की पूर्ति न होने से समस्या ने जन्म लिया.समस्या सामने आई तब समाधान की बात सोची गई. समाधान के स्तर दो थे- पदार्थ-जगत, मनो-जगत. प्रथम स्तर पर पदार्थ के सुनियोजित उत्पादन और उनकी व्यवस्था को आकार मिला. दूसरा स्तर …

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आज है बुधवार और आप जानिए आज का राशिफल

शुभ संवत 2077, शाके 1942, सौम्य गोष्ठ, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रास्त पूर्वे तिथि चर्तुर्थी/पंचमी, बुधवासरे, चित्रा/स्वति नक्षत्रे, वालव करणे, तुला की चंद्रमा, रोग विमुक्ता, स्नान मुर्हूत गणेश चौथ क्रत, चंद्रोदय रात्रि 9/42 वेग स्नान मु.दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य बुद्धिमान, चपल, चतुर, चंचल, …

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चिंतन मनन / न देने वाला मन

एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला. चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल लिए. टोटके या अंधविश्वास के कारण भिक्षाटन के लिए निकलते समय भिखारी अपनी झोली खाली नहीं रखते. थैली देख कर दूसरों को लगता है कि इसे पहले से किसी ने दे रखा है. पूर्णिमा का दिन था, भिखारी सोच रहा था कि …

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शनिवार का राशिफल

शुभ संवत 2077, शाके 1942, सौम्य गोष्ठ, माघ शुक्ल पक्ष, शिशिर ऋतु, गुरु अस्त पश्चिमें, शुक्रास्त पूर्वे तिथि 15, शनिवासरे, मघा नाम नक्षत्रे, शुक्र योगे, ववकरणे, सिंह की चंद्रमा, स्नानदान पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा, माघ स्नान दान क्रत मूल समाप्त दिन 11/12 तथापि पूर्व दिशा की यात्रा शुभ व उत्तम होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…… आज जन्म लिया बालक …

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चिंतन-मनन / सत्य की खोज अनंत

सत्य का अर्थ होता है, अनंत. सत्य की खोज का कोई अंत नहीं होता. यात्रा शुरू तो होती है, पर पूरी नहीं होती. पूरी हो ही नहीं सकती. क्योंकि अगर पूरी हो जाए यात्रा तो उसका अर्थ होगा कि सत्य भी सीमित है. तुम आ गए आखिरी सीमा पर, फिर उसके पार क्या होगा? नहीं, सत्य असीम है. यही तो …

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चिंतन-मनन / सोच समझकर हो प्रशंसा

अक्सर जब तुम प्रशंसा करते हो तो किसी और की तुलना में करते हो. किसी एक की प्रशंसा करने में हम किसी दूसरे को नीचा दिखाते हैं और किसी की गलती को दर्शाने के लिए हम दूसरे की प्रशंसा करते हैं. कुछ लोग प्रशंसा करने में कंजूस होते हैं और कुछ शर्मीले. कुछ लोगों को प्रशंसा करनी नहीं आती और …

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सोमवार का राशिफल : चिन्ताएं कम हो सफलता के साधन जुटायें

शुभ संवत 2077, शाके 1942, सौम्य गोष्ठ, पौष शुक्ल पक्ष, शरद ऋतु, गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पूर्वे तिथि द्वादशी, सोमवार (Monday) , मृगशिरा नक्षत्रे, ऐगयोगे, विवकरणे, सुबह वृष की चंद्रमा दोपहर बाद मिथुन की चंद्रमा, सर्वार्थ सिद्ध व अमृत सिद्ध योग, दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य बुद्धिमान चपल …

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चिंतन-मनन / जीवन निर्भरता और आत्म -निर्भरता का संयोग है

जीवन में सम्पूर्ण आत्म निर्भरता जैसा कुछ नहीं है. इसे भूल जाओ. यदि आप सोचते हो कि मैं पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर हो जाऊं तो ऐसा नहीं होगा. 15, 16 या 17 साल की आयु तक आप आत्मनिर्भर नहीं थे. आप आश्रित ही पैदा हुए थे. आप अपने आप उठ भी नहीं सकते थे, और कोई और आपको उठाता था. …

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चिंतन-मनन / प्रेम और दया से ही प्रसन्न होंगे ईश्वर

ईश्वर को खुश करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं. मंत्र साधक लाखों बार मंत्र जप करते हैं, भक्ति मार्ग पर चलने वाले लोग मंदिर जाकर ईश्वर की पूजा करते हैं. धूप-दीप आरती से भगवान को प्रसन्न करने की भी कोशिश करते हैं. इतना करने के बाद भी यह पता नहीं होता कि ईश्वर हमें प्यार करता है …

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चिंतन-मनन / जाल हैं राग और द्वेष

परमानंद को समझा नहीं जा सकता और उसे पाना भी अत्यंत कठिन है. कई जीवन कालों के बाद परमानंद की प्राप्ति होती है और एक बार पाने पर इसे खोना तो और भी कठिन है. जीवन में तुम्हें तलाश है केवल परमानंद की- अपने स्रेत के साथ तुम्हारा दिव्य मिलन और संसार में बाकी सबकुछ तुम्हें इस लक्ष्य की प्राप्ति …

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चिंतन-मनन / बद्ध होने का परिणाम

प्रकृति द्वारा बद्ध किए गए जीव कई प्रकार के होते है. कोई सुखी है और कोई अत्यंत कर्मठ है, तो दूसरा असहाय है. इस प्रकार के मनोभाव ही प्रकृति में जीव की बद्धावस्था के कारणस्वरूप हैं. भगवद्गीता के इस अध्याय में इसका वर्णन हुआ है कि वे किस प्रकार भिन्न-भिन्न प्रकार से बद्ध है. सर्वप्रथम सतोगुण पर विचार किया गया …

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रविवार का राशिफल : जानिए आज का दिन कैसा रहेगा

शुभ संवत 2077, शाके 1942, सौम्य गोष्ठ, मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष, हेमंत ऋतु गुरु उदय पूर्वे शुक्रोदय पूर्वे तिथि त्रियोदशी, रविवासरे, कृतिका नक्षत्रे, साध्य योगे, कौलव करणे, वृष की चंद्रमा, चर्तुदर्शी क्रत, सर्वार्थ सिद्ध योग, अमृत सिद्धयोग दक्षिण दिशा की यात्रा शुभ होगी. आज जन्म लिए बालक का फल…….. आज जन्म लिया बालक योग्य, बुद्धिमान, जिद्दी-हठी, स्वाभिमानी, अपनी चलाने वाला, शिक्षक-लेक्चरार, …

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चिंतन-मनन / ईश्वर के दर्शन

सरस्वती चंद्र तीर्थयात्रा पर जा रहे थे. लंबे और कठिन सफर को देखते हुए साथ में बर्तन, भोजन और जरूरत का अन्य सामान भी था. रास्ते में एक गांव पार करते हुए वह वहां के एक वीरान मंदिर में रुक गए. पहले तो सोचा कि यहां कोई नहीं होगा पर मंदिर के अंदर गए तो देखा एक बीमार वृद्ध कराह …

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चिंतन-मनन / ध्यान की तरंग

यहूदियों में एक कथा है कि जब कोई बच्चा पैदा होता है, तो देवता आते हैं और उस बच्चे के सिर पर हाथ फेरते हैं; ताकि वह भूल जाए उस सुख को, जो सुख परमात्मा के घर उसने जाना था, नहीं तो जिंदगी बड़ी कठिन हो जाएगी-दयावश ऐसा करते हैं वे, नहीं तो जिंदगी बड़ी कठिन हो जाएगी. अगर वह …

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आध्यात्मिक जीवन में प्रगति के लिए सदपुरुषों की संगति करें

हम किसके साथ हैं यह हमारी जिंदगी में बहुत ही महत्वपूर्ण है. कुछ जगहों पर अच्छी गुणवत्ता के गुलाब की किस्म को कमजोर गुणवत्ता वाली गुलाब की किस्म के पास लगाया जाता है. यह इसलिए किया जाता है ताकि कमजोर किस्म के गुलाब का परागण उच्च किस्म के गुलाब के साथ हो सके और उनकी गुणवत्ता में निखार आ सके. …

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‘रुद्राष्टकम’ से बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाते भोलेनाथ

भगवान शंकर भक्तों की प्रार्थना से बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं! इसी कारण उन्हें ‘आशुतोष’ भी कहा जाता है. वैसे तो धर्मग्रंथों में भोलेनाथ की कई स्तुतियां हैं, पर श्रीरामचरितमानस का ‘रुद्राष्टकम’ अपने-आप में बेजोड़ है. ‘रुद्राष्टकम’ केवल गाने के लिहाज से ही नहीं, बल्कि भाव के नजरिए से भी एकदम मधुर है. यही वजह है शिव के …

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खराब ग्रहों के कारण नहीं मिलता दांपत्य सुख

सनातन धर्म में विवाह एक अति महत्वपूर्ण संस्कार है. वही सुखद और प्रेमपूर्ण दांपत्य का आधार है लेकिन प्रारब्ध कर्मानुसार व्यक्ति की जन्मपत्रिका में कुछ ऐसी ग्रह स्थितियां निर्मित हो जाती हैं जिसके फलस्वरूप उसे दांपत्य सुख नहीं मिलता है. कलहपूर्ण दांपत्य अंत्यत कष्टप्रद और नारकीय जीवन के समान होता है. वैसे भी हर पुरुष सुंदर पत्नी और स्त्री धनवान …

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चिंतन-मनन / धर्म की शरण

हर संसारी प्राणी अपनी सुरक्षा के लिए शरण की खोज करता है. प्राणी उपयुक्त शरण मिलने पर उसे स्वीकार भी कर लेता है. बहिर्दर्शी व्यक्ति अपने पारिवारिक जनों को शरण मानता है. परिवार के लोग किसी सक्षम सदस्य को शरण मानते हैं. किंतु वे तुम्हें त्राण और शरण देने में समर्थ नहीं हैं और तुम उनको त्राण या शरण देने …

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चिंतन-मनन / कठिन काम

एक लड़का महात्मा के पास पहुंचा. लड़का बड़ा शैतान था, उसको देखते ही महात्मा ने भांप लिया. इसलिए मनोवैज्ञानिक ढंग से प्रतिबोध देने के लिए महात्मा बोले- ‘बच्चे! तुम तो बड़े तेज दिखाई देते हो.’ वह अपनी प्रशंसा सुनकर खुश हुआ और कहने लगा – ‘स्कूल में सब लड़के मुझसे डरते हैं.’ महात्मा- ‘अच्छा, तुम सरल काम करना चाहते हो …

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चिंतन-मनन / बाहरी विकार

एक व्यक्ति संन्यासी के पास पहुंचा और बोला, बाबाजी! मुझे परमात्मा से मिला दो. संन्यासी ने बात टालनी चाही. लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा. संन्यासी ने उसकी भावना परखने की दृष्टि से कहा, भगवान से मिलना है तो कल आना होगा. दूसरे दिन फिर यही उत्तर मिला. लेकिन वह निराश नहीं हुआ, निरन्तर आता रहा. संन्यासी ने देखा,इसे …

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चिंतन-मनन / दुख: भी सहें

आज स्थिति यह है कि महात्मा बनना तो सब चाहते हैं, पर उनके अनुरूप कार्यो से जी चुराते हैं. बलिदान करने के समय हिचकिचाते हैं, वे महान कैसे बन सकते हैं. बादशाह ने सुना, मेरे राज्य में स्थान-स्थान पर रामायण का पारायण हो रहा है. उसे झुंझलाहट हुई. वह कहने लगा-मेरे शासन में राम के गीत गाए जाएं ऍसा क्यों? …

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चिंतन-मनन / सबसे बड़ा दरिद्र

सिंहगढ़ राज्य की सीमा के पास एक गांव सोनपुर में एक महात्मा अपने दो शिष्यों के साथ आ पहुंचे. वहां की शांति और हरियाली देख कुछ दिन वे वहीं ठहर गए. एक दिन महात्मा जी जब भिक्षा मांगने जा रहे थे, सड़क पर एक सिक्का दिखा, जिसे उठाकर उन्होंने झोली में रख लिया. दोनों शिष्य इससे हैरान थे. वे मन …

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प्रथम तीर्थंकर 1008 भगवान् ऋषभदेव जी

(लेखक-वैद्य अरविन्द प्रेमचंद जैन / ) भगवान ऋषभदेव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं. तीर्थंकर का अर्थ होता है जो तीर्थ की रचना करें. जो संसार सागर (जन्म मरण के चक्र) से मोक्ष तक के तीर्थ की रचना करें, वह तीर्थंकर कहलाते हैं. ऋषभदेव जी को आदिनाथ कहा जाता है. भगवान ऋषभदेव वर्तमान अवसर्पिणी काल के प्रथम तीर्थंकर हैं. जैन …

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चिंतन-मनन / व्यवहार की दुनिया

बहुत बड़ा कवि था इमरसन. वह घूमने निकला. अकस्मात वर्षा आ गई. उसके पास अपनी कविताओं की एक पांडुलिपि थी. भीगने के डर से उसने वह पांडुलिपि एक दुकानदार के पास रख दी. इमरसन चला गया. दुकानदार ने कहा कि पन्ने भरे हुए हैं, कुछ खाली हैं वह भरे हुए पन्नों में वस्तुएं लपेटकर ग्राहकों को देता रहा. कुछ देर …

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वास्तु दोष से नहीं मिलते हैं सही परिणाम

वास्तु दोष का प्रभाव न केवल पारिवारिक जीवन पर, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी होता है. वास्तु के प्रभाव से अध्ययन के लिए उचित या अनुचित वातावरण का निर्माण होता है. अक्सर यह देखा गया है कि जिस बच्चे के अध्ययन कक्ष में कोई भी वास्तु दोष होता है, उसकी पढ़ाई में बाधाएं आने लगती हैं. वह काफी मेहनत …

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आपके घर आशांत का कारण कहीं वास्तु तो नहीं

घर में अगर अशांत वातावरण हो तो इंसान सुखी नहीं रह सकता. इससे घर में कलह बिमारियों और धन की कमी भी होती है. घर में कुछ चीजों की वजह से अशांति रहती है. घर का रंग, तरंग और घर में रहने वाले लोगों की ऊर्जा का ध्यान रखें तो शांति बनी रह सकती है. घर में तीन चीज़ें सुख …

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भागवान श्रीकृष्ण की की ये बातें आज भी हैं प्रासंगिक

भागवान श्रीकृष्ण की भागवान श्रीकृष्ण में कही गयी बातें आज के युग में भी प्रासंगिक हैं. इनका पालन कर हम बेहतर जीवन जी सकते हैं. आधुनिक जीवन में सफलता का अर्थ पैसों और सुख-सुविधा की चीजों से जुड़ा हुआ है. आप जितना भी धन कमा लेंगे दुनिया आपको उतना ही कामयाबी कहेगी, अंधाधुध पैसे कमाने की होड़ में कोई व्यक्ति …

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सपनों के पीछे ग्रह और राशियां भी होती हैं जिम्मेदार

आमतौर पर सभी को नींद में सपने आते हैं पर कई बार सपने डरावने व अलग हट के होते हैं जो हमें कई प्रकार के संकेत देते हैं. सपने मन की एक विशेष अवस्था होते हैं, जिसमें वास्तविकता का आभास होता है. स्वप्न न तो जागृत अवस्था में आते हैं न तो निद्रा में बल्कि यह दोनों के बीच की …

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चिंतन-मनन / चैतन्य रहें

एक बार दो देवताओं में विवाद हो गया कि भाग्य बड़ा है या पुरूषार्थ? विवाद हर व्यक्ति के मन में पैदा होता है, चाहे मनुष्य हो, चाहे देवता हो. निश्चित हुआ, परीक्षा करें. एक देवता ने कहा- देखो! भाग्य बड़ा नहीं होता, पुरूषार्थ बड़ा होता है. दूसरे ने कहा- नहीं! उस आदमी को देखो. तुम्हें साक्षात् प्रमाणित करूंगा कि पुरूषार्थ …

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चिंतन-मनन / विनम्रता का पाठ

पंडित विद्याभूषण बहुत बड़े विद्वान थे. दूर-दूर तक उनकी चर्चा होती थी. उनके पड़ोस में एक अशिक्षित व्यक्ति रहते थे-रामसेवक. वे अत्यंत सज्जन थे और लोगों की खूब मदद किया करते थे. पंडित जी रामसेवक को ज्यादा महत्व नहीं देते थे और उनसे दूर ही रहते थे. एक दिन पंडित जी अपने घर के बाहर टहल रहे थे. तभी एक …

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चिंतन-मनन / सबसे बड़ी दौलत

एक विधवा अध्यापिका के दो बेटे थे. वह उन्हें गुरुकुल में अच्छी शिक्षा दिला रही थी. वह खुद भी अनेक बच्चों को संस्कृत पढ़ाती थी. इससे उसे जो कुछ प्राप्त होता था, उसी से वह अपना जीवनयापन करती थी. उसने अत्यंत गरीबी के दिनों में भी कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाए. उसके स्वाभिमान को देख अनेक लोग अध्यापिका …

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चिंतन-मनन / रजा का खजाना

फारस के शासक साइरस अपनी प्रजा की भलाई में जुटे रहते थे. लेकिन खुद उनका जीवन सादगी से भरा था. वह रियासत की सारी आमदनी व्यापार, उद्योग और खेतीबाड़ी में लगा देते थे. इस कारण शाही खजाना हल्का रहता था. लेकिन प्रजा खुशहाल थी. एक दिन साइरस के दोस्त और पड़ोसी शासक प्रोशियस उनके यहां आए. उनका मिजाज साइरस से …

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