नागालैंड के सीएम ने नागा एकता और स्थायी समाधान की अपील की

कोहिमा, मार्च 26: नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने बुधवार को कहा कि नागा बहुल क्षेत्रों का भौतिक एकीकरण फिलहाल संभव नहीं है. लेकिन, राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर एकता बनाए रखना नागा मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए बेहद जरूरी है.

कोहिमा के पास किसामा में आयोजित तेन्यिमी यूथ कल्चरल फेस्टिवल को संबोधित करते हुए रियो ने कहा कि नागा एकीकरण एक प्रमुख मांग रही है. नागालैंड विधानसभा ने इसके समर्थन में कई प्रस्ताव पारित किए हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सीमाओं से परे आपसी संबंधों को मजबूत करना समय की आवश्यकता है.

तेन्यिमी जैसे समुदाय, जो विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में फैले हैं, अपनी साझा परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों के जरिए जुड़े हुए हैं. यह एकता नागा पहचान को मजबूत करती है और उसे व्यापक पहचान दिलाने में मदद करती है.

मुख्यमंत्री ने संस्कृति और भाषा के महत्व पर जोर देते हुए तेन्यिडी भाषा के प्रचार-प्रसार की अपील की. उन्होंने इसे स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया और उरा अकादमी जैसे संगठनों के प्रयासों की सराहना की.

युवाओं को परंपरा का संरक्षक बताते हुए रियो ने उनसे सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने और भविष्य के लिए कौशल विकसित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि परंपराएं, रीति-रिवाज, खान-पान और इतिहास नागा समाज को एक सूत्र में बांधते हैं. सभी को मिलकर सम्मानजनक समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने नागा पहचान को मान्यता दी है. इसका उदाहरण 1873 के बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन के तहत इनर लाइन परमिट और संविधान के अनुच्छेद 371ए जैसे प्रावधान हैं.

उपमुख्यमंत्री टी. आर. ज़ेलियांग ने भी तेन्यिमी समुदाय को साझा विरासत और परंपराओं से जुड़े एक परिवार के रूप में बताया. उन्होंने इसकी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया.

तेन्यिमी यूनियन नागालैंड द्वारा आयोजित इस महोत्सव में पारंपरिक संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जो सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से एकता के संदेश को मजबूत करता है.

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