नलिनी जयवंत: सिनेमा की चमक और निजी जीवन का दर्द

नई दिल्ली, 17 फरवरी: भारतीय सिनेमा की एक प्रमुख और खूबसूरत अभिनेत्री नलिनी जयवंत का जन्म 18 फरवरी 1926 को मुंबई में हुआ था. उन्होंने कई सुपरस्टार अभिनेताओं के साथ काम किया और खुद भी सुपरस्टार एक्ट्रेस बन गईं. लेकिन उनकी मृत्यु के बाद, लोग बस यही कहते रहे कि भगवान ऐसी मौत किसी को न दे.

नलिनी को बचपन से ही फिल्मों में काम करने का शौक था. उन्हें फिल्में देखना बहुत पसंद था. 14 साल की उम्र में एक पार्टी में फिल्म निर्माता चिमनलाल देसाई से मिलीं. उन्होंने नलिनी को अपनी फिल्म ‘राधिका’ में काम करने का प्रस्ताव दिया. पहले उनके पिता ने आपत्ति जताई, लेकिन बाद में वह राजी हो गए. 1941 में नलिनी ने ‘राधिका’ से अपने करियर की शुरुआत की.

नलिनी को गाने का भी शौक था और उन्होंने लगभग 40 गानों में अपनी आवाज दी. 1948 में दिलीप कुमार और नरगिस के साथ फिल्म ‘अनोखा प्यार’ में काम करने के बाद उनके करियर में महत्वपूर्ण बदलाव आया. 1950 में ‘समाधि’ और ‘संग्राम’ जैसी फिल्मों में काम करने के बाद, वह सुपरस्टार एक्ट्रेस बन गईं.

उनकी बोल्ड फोटोशूट और इमेज ने भी उन्हें पहचान दिलाई. फिल्मफेयर मैगजीन के ब्यूटी पोल में उन्हें सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस का खिताब मिला. नलिनी पर्दे पर स्विमसूट पहनने वाली पहली एक्ट्रेस बनीं. लेकिन 60 के दशक में उनका करियर ढलान पर आ गया.

नलिनी की व्यक्तिगत जिंदगी काफी दर्दनाक रही. उनकी दो शादियाँ और एक अफेयर रहा. उनकी पहली शादी फिल्म निर्देशक चिमनलाल के बेटे वीरेंद्र देसाई से हुई, लेकिन तीन साल बाद तलाक हो गया. उनका अशोक कुमार से भी अफेयर रहा. बाद में उन्होंने एक्टर प्रभुदयाल से शादी की, जिनका 2001 में निधन हो गया.

नलिनी की कोई संतान नहीं थी. जब उनके दूसरे पति का निधन हुआ, तो वह अकेली पड़ गईं. बताया जाता है कि उनका निधन 2009 में हुआ. उनकी मौत की जानकारी तब मिली जब एक व्यक्ति, जो खुद को उनका रिश्तेदार बताता था, उनका शव लेने आया. उनकी मृत्यु के तीन दिन बाद तक उनका शव घर में सड़ता रहा. इस घटना ने उनके दर्दनाक अंत को उजागर किया.

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