
मुंबई, 26 फरवरी: बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के माध्यम से सावरकर की कहानी को पर्दे पर लाने का प्रयास किया था. यह फिल्म विशेष थी क्योंकि रणदीप ने न केवल अभिनय किया, बल्कि रिसर्च और प्रोडक्शन में भी योगदान दिया.
फिल्म को आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. रणदीप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सावरकर की तस्वीरें साझा कीं और बताया कि सावरकर की मृत्यु आमरण अनशन के कारण हुई. उन्होंने लिखा, “आमरण अनशन बहुतों ने किए, मरे सिर्फ सावरकर. बहुत कम लोग जानते हैं कि सावरकर जी ने अपनी मृत्यु तक उपवास किया और अंततः 26 फरवरी 1966 को इस दुनिया को छोड़ गए. आज उन्हें याद कर रहा हूं.”
सावरकर के प्रति रणदीप का सम्मान गहरा है. उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने के लिए पहले वह तैयार नहीं थे, लेकिन रिसर्च के दौरान सावरकर और आजादी पर पढ़ी किताबों ने उन्हें गुस्से में भर दिया.
एक इंटरव्यू में रणदीप ने कहा कि आजादी कैसे मिली? 1946 से 1952 के बीच कई देशों को आजादी मिली, और यह शांतिपूर्ण तरीके से नहीं हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देवी-देवताओं के हाथों में शस्त्र हैं, लेकिन वे हिंसा का प्रतीक नहीं हैं. धर्म या अस्तित्व की रक्षा के लिए हथियार उठाना गलत नहीं है.
सावरकर का किरदार निभाना रणदीप के लिए चुनौतीपूर्ण था. उन्होंने अपने किरदार को वास्तविक बनाने के लिए वजन कम किया और डेढ़ साल तक अंडरवेट रहे. इस दौरान उनके शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव भी पड़े, जिससे उनके फैंस चिंतित हो गए थे.