पश्चिम बंगाल की बेटियों की आवाज़ अब चुप नहीं होगी: धर्मेंद्र प्रधान

कोलकाता, मार्च 26: भाजपा के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रत्ना का भाजपा के साथ चुनावी मैदान में उतरना सिर्फ एक उम्मीदवारी नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत संकेत है कि पश्चिम बंगाल की बेटियों को अब चुप नहीं कराया जाएगा.

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एक मां का दुख अब न्याय की एक अटूट कोशिश में बदल गया है. उनकी आवाज पूरे राज्य में न्याय, सम्मान और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक आंदोलन बन गई है. ममता बनर्जी और टीएमसी की बार-बार की नाकामियों ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है. उनके राज में, अनगिनत आवाजें अनसुनी हो गईं हैं. हर आवाज उस सिस्टम की याद दिलाती है, जिसने अपनी बेटियों को नाकाम किया है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव नहीं है, बल्कि एक नैतिक हिसाब-किताब है. एक मां की हिम्मत अब टूटे हुए सिस्टम को चुनौती दे रही है, जो बंगाल की हर बेटी के लिए न्याय, जवाबदेही और स्थायी बदलाव की सामूहिक मांग में बदल रही है.

वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक वीडियो जारी कर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आरजी कर की पीड़िता की मां भाजपा की प्रत्याशी बन गई हैं, जिसका हम सम्मान करते हैं. लेकिन उन्होंने खुद का सम्मान खो दिया है. पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म की निंदा की गई. कोलकाता पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोषी को गिरफ्तार किया. पीड़िता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिस पर सीबीआई ने जांच की.

घोष ने कहा कि सीबीआई ने कोलकाता पुलिस की जांच को सही ठहराया. ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट, और Supreme Court ने भी जांच को मॉनिटर किया और सही ठहराया. बाद में माता-पिता सीबीआई जांच से भी संतुष्ट नहीं थे. उन्होंने कहा कि सीबीआई भाजपा के अधीन आती है, और अब वह भाजपा की उम्मीदवार बन गईं.

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