तृणमूल के लिए काम करने पर नौकरी जाने की चेतावनी

बालुरघाट, 16 फरवरी: भारतीय चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सात सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के निलंबन के फैसले के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि जो अधिकारी पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा, “चुनाव आयोग ने घाटाल, शमशेरगंज और सुतिया समेत सात ब्लॉकों के अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है. इन अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अयोग्य मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने का प्रयास किया.”

उन्होंने आगे कहा कि अब तकनीक के माध्यम से रिकॉर्ड की जांच करना और गड़बड़ियों का पता लगाना आसान हो गया है. यह तकनीक का युग है. एआई की मदद से सभी चीजों की जांच की जा सकती है. इसलिए मैंने पहले भी कहा है कि अधिकारियों को निष्पक्षता से कार्य करना चाहिए.

सुकांत मजूमदार ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि आप तृणमूल के लिए काम करेंगे, तो चुनाव आयोग कार्रवाई करेगा. आपकी नौकरी कोई नहीं बचा पाएगा. लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्य करना आवश्यक है.”

उन्होंने अधिकारियों से लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करने और अपने कर्तव्यों में निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की.

इससे पहले, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया में लगे सात एईआरओ के निलंबन के चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया. वह दिल्ली रवाना होने से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर पत्रकारों से बात कर रहे थे.

सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “चुनाव संबंधी प्रावधानों के बावजूद चुनाव आयोग अब तक मुख्य सचिव को सलाह दे रहा था, लेकिन यह पहली बार है जब एसआईआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल किया है. इसके बाद अगर चुनाव आयोग चाहे तो एफआईआर भी दर्ज करा सकता है.”

भाजपा नेता ने आगे कहा, “इन सात लोगों को उचित कारणों से निलंबित किया गया है. इन्होंने फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र स्वीकार किए और एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया में पैन कार्ड को भी स्वीकार किया. इन्होंने चुनाव आयोग के 13 दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है.”

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ये गड़बड़ियां ममता बनर्जी सरकार के निर्देश पर की गईं. उन्होंने कहा, “यह सब राज्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के दबाव में किया गया है. डीएम या डीईओ ने यह किया और नंदिनी चक्रवर्ती के माध्यम से ममता बनर्जी पूरे रैकेट को चला रही हैं.”

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